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जिला विकास कार्यालय

जिला विकास अधिकारी कार्यालय
ई-मेल: ddoharidwar@gmail[dot]com


विभाग के बारे में: – जिला विकास अधिकारी कार्यालय हरिद्वार की स्थापना दिनांक- 22-07-1989 को हुई थी जनपद के अन्तर्गत निम्नानुसार 06 विकास खण्ड हैं

  1. भगवानपुर
  2. रूडकी
  3. नारसन
  4. बहादराबाद
  5. लक्सर
  6. खानपुर

योजना/नीति:

महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारन्टी योजना-07 सितम्बर 2005 को अधिसूचित राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारन्टी अधिनियम (NREGA) का उद्देश्य देश के ग्रामीण क्षेत्रो में उस प्रत्येक परिवार, जिसके व्यस्क सदस्य अकुशल शारीरिक कार्य करना चाहते हैं, को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिन का गारंटीयुक्त रोजगार प्रदान करके ग्रामीण परिवारों की जीविकोपार्जन की सुरक्षा में बढोतरी करना, आजीविका के आधार बेस को विस्तृत करना, कमजोर वर्गों के आजीविका को सुदृढ़ करने के उपाय कराना, एवं प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हुए पंचायती राज संस्थाओ को मजबूत करना हैं I इस अधिनियम का समय पर भारत सरकार द्वारा संशोधित कार्यो के माध्यम में कार्य कराकर रोजगार सृजन करना ही मुख्य उद्देश हैं I जनपद हरिद्वार के समस्त ग्रामीण क्षेत्रो में यह योजना 01 अप्रैल 2007 से क्रियान्वित हैं I
योजना की विशेषताये –

  1. रोजगार हेतु ग्राम पंचायत में कोई भी व्यक्ति जो 18 वर्ष से अधिक आयु का हो और ग्रामीण क्षेत्र में रहता हो, वह योजना में पंजीकरण कराकर निःशुल्क जॉबकार्ड प्राप्त करने की व्यवस्था I
  2. योजना मांग आधारित हैं I कार्य की मांग 15 दिन के अन्तर्गत रोजगार उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था I रोजगार उपलब्ध न कराये जाने पर बेरोजगारी भत्ता की व्यवस्था
  3. कार्य मस्टरोल पर आधारित I
  4. अकुशल श्रमिक की दैनिक मजदूरी की दर 8 घंटे का करने पर रू० 175/ प्रतिदिन देय हैं I मजदूरी का शत प्रतिशत भुगतान आधार कार्ड से जुड़े खातो के माध्यम से I
  5. मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक अथवा अधिकतम 15 दिन के अन्दर किये जाने की व्यवस्था I
  6. कार्य करते हुए दुर्घटना में मृत्यु एवं स्थाई अपंगता की स्थिति में रू० 25,000.00 अनुग्रह राशि देय I
  7. महिला तथा पुरुष को एक समान मजदूरी दर देय I
  8. योजना में पारदर्शिता के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर सामाजिक सम्प्रेषण की व्यवस्था I
  9. योजनान्तर्गत कराये जाने वाले कार्यो का चयन मनरेगा दिशा निर्देशानुसार ग्राम पंचायतो की खुली बैठक में कराये जाने की व्यवस्था I
  10. कार्यस्थल पर क्रेच, पीने का पानी, छाया, प्राथमिक चिकित्सा सुविधा एवं निरक्षर महिलायों के लिए अक्षर आदि सुविधायो का इंतजाम की व्यवस्था I
  11. कार्यो का श्रमांश कम से कम 60% तथा सामग्री अंश अधिकतम 40% निर्धारित I
  12. कृषि एवं कृषि आधारित 60% कार्य निर्धारित I

 

मा० विधान सभा सदस्यों को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य कराये जाने हेतु विधायक निधि का गठन किया गया हैं I प्रत्येक विधानसभा के मा० सदस्य द्वारा अनुभव की जा रही आवश्यकता के अनुसार मूलभूत बुनियादी आवश्यकताओ की पूर्ति हेतु सम्बन्धित मुख्य विकास अधिकारी को निर्माण कार्यो का विवरण/प्रस्ताव दिया जाता हैं, जिसको मुख्य विकास अधिकारी द्वारा मार्गदर्शी सिद्धान्तों के अधीन कार्यो का क्रियान्वयन कराया जाता हैं I वित्तीय वर्ष 2017-18 से प्रति विधान सभा क्षेत्र हेतु रू० 375.00 लाख का प्राविधान किया गया हैं, जिसमे से रू० 25.00 लाख धार्मिक स्थल विकास से सम्बंदित कार्यो पर व्यय किये जाने का प्राविधान हैं I

सामुदायिक विकास योजना-
सामुदायिक विकास योजनान्तर्गत जिला विकास कार्यालय एवं विकासखण्डो के आवासीय/ अनावासीय भवनों का निर्माण कार्य कराये जाते हैं I योजना के अन्तर्गत जिला स्तर पर जिला योजना समिति द्वारा बजट अनुमोदित किया जाता हैं I
सामुदायिक विकास योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2017-18 हेतु जनपद / विकासखण्डो के आवासीय/ अनावासीय भवनों हेतु कुल अंकन – रू०60.00 लाख अनुमोदित हैं I

  1. दीन दयाल आवास योजना-
    यह योजना राज्य सरकार द्वारा इंदिरा आवास योजना के अनुसार संचालित की जा रही हैं I योजना का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2002 के बीoपीoएलo सर्वे के आधार पर गरीबी की रेखा से नीचे बसर कर रहे आवास विहीन / कच्चे आवासों वाले परिवारों के नये पक्के आवास निर्माण हेतु वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना हैं, जिसमे कम से कम अनुo जाति हेतु 19 %, अनुo जनजाति हेतु 4 % तथा गैर अनुoजाति/ जनजाति के आवास विहीन ग्रामीण परिवारों हेतु निर्धारित की गयी हैं I योजनान्तर्गत लाभार्थियो का चयन लक्ष्यों के आधार पर क्षेत्र पंचायतवार तथा ग्राम पंचायतवार लक्ष्यों का निर्धारण किया जाता हैं I
    वित्तीय वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में दीनदयाल आवास योजना के अन्तर्गत कोई धनराशि प्राप्त नहीं हुई हैं I
  2. राष्ट्रीय बायोगैस योजना-
    राष्ट्रीय बायोगैस योजना के अन्तर्गत ग्रामीण परिवारों के लिए वैकल्पित स्रोत के संशोधन के रूप में बायोगैस निर्माण कराया जाता हैं I इसके अन्तर्गत रू० 11000.00 का अनुदान लाभार्थी को केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किया जाता हैं तथा मनरेगा योजना के साथ केन्द्राभिसरण के माध्यम से कार्य कराया जाता हैं I
    राष्ट्रीय बायोगैस योजना के अन्तर्गत धनराशि प्राप्त नहीं हुई हैं किन्तु चालू वित्तीय वर्ष में योजनान्तर्गत निर्धारित 110 बायोगैस के लक्ष्य के सापेक्ष 55 बायोगैसो का निर्माण कराया गया हैं I
  3. ग्रामीण तालाब निर्माण एवं विकास योजना-
    यह योजना राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रो में तालाबो व जलस्रोतों के विकास हेतु संचालित की जा रही हैं I इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रो में तालबो का मरम्मत / पुनर्निर्माण / सुधारीकरण रहेगा ताकि इन तालाबो एवं जल स्रोतों से ग्रामीण क्षेत्रवासियों को सिंचाई एवं मतस्य पालन का लाभ प्राप्त हो सके I वित्तीय वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में योजना के अन्तर्गत कोई धनराशि प्राप्त नहीं हुई हैं I
  4. मेरा गाँव मेरी सड़क योजना-
    यह योजना राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रो को मुख्य मार्गो से जोड़ने हेतु संचालित की जा रही हैं I
    इस योजना के अन्तर्गत 01 किo मीo तक के सम्पर्क मार्गो का निर्माण किया जाना हैं, जिसको मनरेगा योजना के अन्तर्गत डपटेलिंग करते हुए विकास खण्डों के माध्यम से बनाई जायेगी I वित्तीय वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में योजना के अन्तर्गत कोई धनराशि प्राप्त नहीं हुई हैं I
  5. क्रेडिट कम सब्सिडी आवास योजना-
    योजना का मुख्य उद्देश्य कम आय वर्ग / बीo पीo एलo परिवारों के ऐसे व्यक्तियों को जिसकी आयु 18 वर्ष से 50 वर्ष के मध्य हो, को अपना आवास बनाने हेतु रू० 1000.00 का अनुदान दिया जाता हैं तथा रू० 40000.00 बैंक के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाता हैं I यह ऋण लाभार्थियों को बैंक द्वारा किसी भी प्रकार की गारन्टी रहित उपलब्ध कराया जाता हैं I
    वित्तीय वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 हेतु क्रेडिट कम सब्सिडी योजनान्तर्गत कोई धनराशि / लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ हैंI

साप्ताहिक गतिविधि:नहीं

विवरण के लिए कृपया देखें